लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दिनांक 04 जून 2026 को दिव्यांग, असाध्य रोग (केवल कैंसर एवं डायलिसिस से पीड़ित) तथा पति-पत्नी (स्पाउस) श्रेणी के शिक्षकों के लिए विशेष अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने पर प्रदेश भर के शिक्षकों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
दिव्यांग शिक्षकों का कहना है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) की भावना के अनुरूप, वर्षों से किए जा रहे अनुरोधों एवं निरंतर प्रयासों के बाद दिव्यांग शिक्षकों के लिए यह विशेष अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया प्रारंभ हो सकी है। इसे उन्होंने शासन का संवेदनशील एवं सराहनीय निर्णय बताया है।
शासनादेश के अनुसार समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को आवेदन पत्रों की ZIP फ़ाइल तैयार कर 20 जून 2026 तक बेसिक शिक्षा सचिव को उपलब्ध करानी थी। शासनादेश में दिव्यांग एवं असाध्य रोग से पीड़ित शिक्षकों को छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) की बाध्यता से मुक्त रखा गया, जबकि स्पाउस श्रेणी के शिक्षकों पर PTR की शर्त लागू की गई।
दिव्यांग शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय उनके लिए अत्यंत राहतकारी है। उन्होंने विशेष स्थानांतरण नीति लागू करने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी, बेसिक शिक्षा मंत्री श्री संदीप सिंह जी, बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव, सचिव, निदेशक तथा महानिदेशक का हृदय से आभार व्यक्त किया है।
शासन स्तर से 30 जून 2026 तक संपूर्ण स्थानांतरण प्रक्रिया पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया था, किंतु अभी तक अंतिम स्थानांतरण सूची जारी नहीं हो सकी है। इससे गंभीर दिव्यांगता एवं असाध्य रोगों से जूझ रहे अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएँ कठिन परिस्थितियों में अपने गृह जनपद से दूर सेवाएँ देने को विवश हैं।
इसी क्रम में दिव्यांग शिक्षकों के प्रतिनिधि पुष्पेंद्र शर्मा एवं अन्य साथियों ने महानिदेशक एवं निदेशक, बेसिक शिक्षा से भेंट कर शासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया तथा स्थानांतरण प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराने का विनम्र अनुरोध किया। साथ ही बेसिक शिक्षा सचिव से सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपील की गई कि लंबित प्रक्रिया को जल्द पूरा कर अंतिम स्थानांतरण सूची जारी की जाए।
दिव्यांग शिक्षकों का कहना है कि उनके लिए अपने गृह जनपद में परिवार के बीच रहकर सेवा करना केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, उपचार और सम्मानजनक जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रश्न है। उन्होंने शासन से अपेक्षा व्यक्त की है कि मानवीय संवेदनाओं और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act) की भावना के अनुरूप विशेष अंतर्जनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर पात्र शिक्षकों को राहत प्रदान की जाए।

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